Guest Post | Submit   Job information   Contents   Link   Youtube Video   Photo   Practice Set   Affiliated Link   Register with us Register login Login
Join Our Telegram Group Join Our Telegram Group https://t.me/educratsweb

अत्याचार पीड़ित के लिए देय परिवर्धित मानक क्षतिपूर्ति राशि अविलम्ब प्राप्त करने का अधिकार

पीड़ित या उसके आश्रित परिवार को देय क्षतिपूर्ति के उन महत्वपूर्ण प्रावधानों का विवरण और राहत की अन्य सुविधाओं की

समय-तालिका

जो पीड़ित या उसके आश्रित को प्राथमिकी दर्ज होते ही या अन्त्य-परीक्षण प्रतिवेदन अथवा चिकित्सकीय-जाँच के तुरंत बाद देय होगी

 

ह्त्या या मृत्यु होने पर : अधिनियम की धारा  3(2)(v)

मृतक का अन्त्य परीक्षण प्रतिवेदन प्राप्त होते ही, देय क्षतिपूर्ति राशि रू 5,00,000=00 की 75% राशि अर्थात 3,75,000=00 (कुल तीन लाख पचहत्तर हज़ार रुपए मात्र ) की राशि पाने का वैधानिक अधिकार है मृतक के आश्रित का . शेष 25% राशि सत्र-न्यायालय द्वारा दोष-सिद्धि होने के तुरंत बाद देय होगी .

इसके अतिरिक्त , पीड़ित के परिवार को तीन महीने के अन्दर : नियमावली के अनुलग्नक -1 की अनुसूची के क्रमांक 21 के प्रावधानान्तर्गत देय पेंशन इत्यादि की राहत भी दी जाएगी .

पुलिस का वैधानिक दायित्व है कि वह मृतक का अन्त्य-परीक्षण प्रतिवेदन अविलम्ब प्राप्त करे और जिला-मजिस्ट्रेट को विहित रीति से तुरंत क्षतिपूर्ति-प्रस्ताव समर्पित करे .

 

बेगार , बलात् श्रम  या बंधित श्रम का शिकार होने पर : धारा 3(1)(vi)

पीड़ित को, प्राथमिकी दर्ज होते ही देय क्षतिपूर्ति-राशि रु.60,000=00 (कुल साठ हज़ार् मात्र ) का 25%  अर्थात् रु.15,000=00 ( कुल पन्द्रह हज़ार रुपए मात्र ) का भुगतान पाने का अधिकार है . शेष 75% राशि अर्थात् रु.45,000=00 की राशि न्यायालय मे दोष-सिद्धि होने पर प्राप्त होगी.

 

महिला का लज्जा-भङ्ग या यौन-शोषण : धारा 3(1)(xi)

पीड़ित को , चिकित्सा-जाँच के पश्चात् , देय क्षतिपूर्ति-राशि अर्थात् रु. 1,20,000=00 ( कुल एक लाख बीस हज़ार रूपए मात्र ) का 50% अर्थात् रु.60,000=00 ( कुल साठ हज़ार रुपए मात्र ) का भुगतान तुरंत पाने का अधिकार है . शेष 50% क्षतिपूर्ति-राशि , विचारण-समाप्ति के बाद दी जाएगी.

 

हमले में निर्योग्यता (Disability ) उत्पन्न हो जाने पर : धारा 3(2)(v)

100% असमर्थता उत्पन्न होने पर –

पीड़ित को , देय क्षतिपूर्ति-राशि 2,50,000=00 (कुल दो लाख पचास हज़ार रुपए मात्र ) का 50% अर्थात् 1,25,000=00 (एक लाख पचीस हज़ार रुपए मात्र ) का भुगतान , प्राथमिकी के तुरंत बाद , चिकित्सक-प्रमाणपत्र मिलते ही, पाने का अधिकार है .शेष 25% राशि आरोप-पात्र तथा अन्य शेष 25% राशि सिद्ध-दोष होने के बाद पाने का अधिकार है.

 

श्री अरविंद पाण्डेय, पुलिस महानिरीक्षक (कमज़ोर वर्ग) द्वारा दिनांक 08-4-2011 को सम्वाद-कक्ष पटना में आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवणसमिति की बैठक के लिए तैयार किये गए एवं पत्रांक 1315/शि०नि० को०, दिनांक 14-9-2011 द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग को प्रेषित कृत-कार्रवाई प्रतिवेदन में नियमावली 1995 के उपबंध – 1 द्वारा विहित और देय क्षतिपूर्ति की राशि में वर्ष 1995 से वर्ष 2011 तक हुई मुद्रास्फीति के समानुपातिक क्षतिपूर्ति राशि में भी वृद्धि किये जाने की अनुशंसा की गयी तथा दिनांक 17 सितम्बर को आयोजित बैठक में प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए मौखिक रूप से भी माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष उक्त अनुशंसा की गयी एवं तत्पश्चात, सचिव अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, विहार, पटना को ज्ञापांक 1421, दिनांक 11.10.2011 द्वारा प्रस्ताव भेजा गया ..

राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को एतत्संबंधी प्रस्ताव भेजा गया और भारत सरकार द्वारा मानक क्षतिपूर्ति राशि में 150% की वृद्धि करते हुए भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के  राजपत्र संख्या 682 दिनांक 23-12-2011 प्रकाशित कर दिया गया है. अतः , सम्प्रति , “परिवर्धित” क्षतिपूर्ति राशि का ही विवरण इस अनुसूची में किया जा रहा है...

नियमावली 1995 का अनुलग्नक-1

अनुसूची
(नियम 12 (4) देखिए)

क्र0सं0

अपराध का नाम

राहत की न्यूनतम राशि       

 

1.

अखाद्य या घृणाजनक पदार्थ पिलाना या खिलाना [धारा 3(1)(i) ] प्रत्येक पीडि़त को अपराध के स्वरूप और गंभीरता को देखते हुए रु०. 60,000/ (रु० साठ हज़ार मात्र) या उससे अधिक और पीडि़त व्यक्ति द्वारा अनादर, अपमान, क्षति तथा मानहानि सहने के अनुपात में भी होगा।

2

क्षति पहुंचाना, अपमानित करना या क्षुब्ध करना [धारा 3(1)(ii)] दिया जाने वाला भुगतान निम्नलिखित होगा-

3

अनादरसूचक कार्य [धारा 3(1)(iii)] 25 प्रतिशत भुगतान जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जायेगा ।
75 प्रतिशत भुगतान जब निचले न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध ठहराया जाएगा ।

4.

भूमि को सदोष अधिभोग में लेना या उस पर कृषि करना आदि [धारा 3(1)(iv)] अपराध के स्वरूप और गंभीरता को देखते हुए कम से कम रु०. 60,000/ (रु० साठ हज़ार मात्र) या उससे अधिक, भूमि/परिसर/जल की आपूर्ति, जहां आवश्यक हो, सरकारी खर्च पर पुनः वापस की जाएगी । जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाए तब पूरा भुगतान किया जायेगा ।  

5.

भूमि परिसर या जल से संबंधित अपराध [धारा 3(1)(v)]

6.

बेगार या बलात्श्रम या बंधुआ मजदूरी कराने का अपराध [धारा 3(1)(vi)] प्रत्येक पीडि़त व्यक्ति को कम से कम 60,000/ (रु० साठ हज़ार मात्र) प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज़ होने पर 25 प्रतिशत और 75 प्रतिशत न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर।

7.

मतदान के अधिकार के अतिक्रमण का अपराध [ धारा 3(1)(vii)] प्रत्येक पीडि़त व्यक्ति को रु०.50,000/ (रु० पचास हज़ार मात्र) तक जो अपराध के स्वरूप और गंभीरता पर निर्भर है ।

8.

मिथ्या, द्वेषपूर्ण या तंग करने वाली विधिक कार्यवाही कराने का अपराध [धारा 3(1)(viii)] रु०. 60,000/ (रु० साठ हज़ार मात्र) या वास्तविक विधिक व्यय और क्षति की प्रतिपूर्ति या अभियुक्त के विचारण की समाप्ति के पश्चात, जो भी कम हो ।

9.

मिथ्या या तुच्छ जानकारी देने का अपराध [धारा 3(1)(ix)]

10.

लोक-दृश्य स्थल में अपमान एवं अभित्रस्त करने का अपराध [धारा 3(1)(ग)] अपराध के स्वरूप पर निर्भर करते हुए, प्रत्येक पीडि़त व्यक्ति को रु०. 60,000/ (रु० साठ हज़ार मात्र) तक 25 प्रतिशत उस समय जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाए और शेष दोषसिद्ध होने पर ।

11.

किसी महिला का लज्जा भंग करना [धारा 3(1)(xi)] अपराध के प्रत्येक पीडि़त को रु० 1,20,000/ (रु०.एक लाख बीस हज़ार मात्र)। चिकित्सा जाँच के पश्चात 50 प्रतिशत का भुगतान किया जाए और शेष 50 प्रतिशत का विचारण की समाप्ति पर भुगतान किया जाए ।

12.

महिला का लैंगिक शोषण धारा [3(1)(xii)]

13.

पानी गंदा करने का अपराध [धारा [3(1)(xiii)] रु०. 2,50,000/ (रु०. दो लाख पचास हज़ार मात्र) तक जब पानी को गन्दा कर दिया जाए तो उसे साफ करने सहित या सामान्य सुविधा को पुनः बहाल करने की पूरी लागत । उस स्तर पर जिस पर जिला प्रशासन द्वारा ठीक समझा जाए, भुगतान किया जाए ।

14.

मार्ग के रूढि़जन्य अधिकार से वंचित करने का अपराध [धारा 3(1)(xiv)] 250000/रू0 तक या मार्ग के अधिकार को पुनः बहाल करने की पूरी लागत और जो नुकसान हुआ है, यदि कोई हो, उसका पूरा प्रतिकर। 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाए और 50 प्रतिशत न्यायालय में दोषसिद्ध होने पर।

15.

किसी को निवास स्थान छोड़ने पर मजबूर करने का अपराध [धारा 3(1)(xv)] स्थल बहाल करना । ठहराने का अधिकार और प्रत्येक पीडि़त व्यक्ति को रु०. 60,000/ (रु०. साठ हज़ार मात्र) का प्रतिकर तथा सरकार के खर्च पर मकान का पुनर्निर्माण यदि नष्ट किया गया हो। पूरी लागत का भुगतान जब न्यायालय में आरोप पत्र भेजा जाए ।

16.

मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध [धारा 3(2)(i) और (ii)] कम से कम रु०. 2,50,000/ (रु०. दो लाख पचास हज़ार मात्र) या उठाए गए नुकसान या हानि का पूरा प्रतिकर। 50 प्रतिशत का भुगतान जब आरोप पत्र न्यायालय में भेजा जाए और 50 प्रतिशत न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध होने पर ।

17.

भारतीय दण्ड संहिता के अधीन 10 वर्ष या उससे अधिक की अवधि के कारावास से दंडनीय अपराध करना [धारा (2)] अपराध के स्वरूप और गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक पीडि़त व्यक्ति को या उसके आश्रित को कम से कम रु०. 1,20,000/ (रु०. एक लाख बीस हज़ार मात्र) । यदि अनुसूची में विशिष्ट अन्यथा प्रवाधान किया हुआ हो तो इस राशि में अंतर होगा ।

18.

किसी लोक सेवक के द्वारा उत्पीडित कराने का अपराध [धारा 3(2)(vii)] उठाई गई हानि या नुकसान का पूरा प्रतिकर। 50 प्रतिशत का भुगतान जब आरोप पत्र न्यायालय में भेजा जाए और 50 प्रतिशत का भुगतान जबे न्यायालय में दोषसिद्ध हो जाए, किया जाएगा ।

19.

किसी सदस्य में निर्योग्यता उत्पन्न करने का अपराध।

कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की समय-समय पर यथा संशोधित अधिसूचना सं0 4-2/83-एच. डब्यू-3 तारीख 6.8.1986 में शारीरिक और मानसिक निर्योग्यताओं का उल्लेख किया गया है । अधिसूचना की एक प्रति अनुलग्नक-2 पर है ।
अपराध के प्रत्येक पीडि़त को कम से कम रु०. 2,50,000/ (रु०. दो लाख पचास हज़ार मात्र)। 50 प्रतिशत प्रथम सूचना रिपोर्ट पर और 25 प्रतिशत आरोप पत्र पर और 25 प्रतिशत न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध होने पर ।

100 प्रतिशत असमर्थता

(i) परिवार का न कमाने वाला सदस्य
(ii) परिवार का कमाने वाला सदस्यजहां असमर्थता
अपराध के प्रत्येक पीडि़त को कम से कम रु०. 5,00,000/ (रु०. पांच लाख मात्र) । 50 प्रतिशत प्रथम सूचना रिपोर्ट/चिकित्सा जाँच पर भुगतान किया जायेगा और 25 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाए और 25 प्रतिशत न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध होने पर ।

100 प्रतिशत से कम असमर्थता उपर्युक्त क (i) और (ii) में निर्धारित दरों को उसी अनुपात में कम किया जाएगा। भुगतान के चरण भी वही रहेंगे। तथापि न कमाने वाले सदस्य को 40000/रू0 से कम नहीं और परिवार के कमाने वाले सदस्य को रु०. 80,000/ (रु०. अस्सी हज़ार मात्र) से कम नहीं होगा ।

20.

हत्या/मृत्यु
(क)परिवार का न कमाने वाला सदस्य

(ख)परिवार का कमाने वाला सदस्य
प्रत्येक मामले में कम से कम रु०. 2,50,000/ (रु०. दो लाख पचास हज़ार मात्र) 75 प्रतिशत पोस्टमार्टम के पश्चात और 25 प्रतिशल न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध होने पर ।

प्रत्येक मामले में कम से कम रु०. 5,00,000/ (रु०. पांच लाख मात्र) 75 प्रतिशत पोस्टमार्टम के पश्चात् और 25 प्रतिशत न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध होने पर ।
 

21.

हत्या, मृत्यु, नरसंहार, बलात्संग, सामूहिक बलात्संग, गिरोह द्वारा किया गया बलात्संग, स्थायी असमर्थता और डकैती । उपर्युक्त मदों के अन्तर्गत भुगतान की गई राहत की रकम के अतिरिक्त राहत की व्यवस्था, अत्याचार की तारीख से तीन माह के भीतर निम्नलिखित रूप से की जाएः-

(i)अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के मृतक की प्रत्येक विधवा और/या अन्य आश्रितों को रु०. 3,000/ (रु०. तीन हज़ार मात्र) प्रतिमास की दर से या मृतक के परिवार के एक सदस्य को रोजगार या कृषि-भूमि, एक मकान, यदि आवश्यकता हो तो तत्काल खरीद द्वारा ।

(ii)पीडि़तों के बच्चों की शिक्षा और उनके भरण-पोषण का पूरा खर्चा । बच्चों को आश्रम विद्यालयों/आवासीय विद्यालयों में दाखिल किया जाए ।

(iii)तीन माह की अवधि तक बर्तनों, चावल, गेहूं, दालों, दलहनों आदि की व्यवस्था ।

22.

पूर्णतया नष्ट/जला हुआ मकान जहां मकान को जला दिया गया हो या नष्ट कर दिया गया हो, वहां सरकारी खर्च पर ईट/पत्थर के मकान का निर्माण किया जाए या उसकी व्यवस्था की जाए ।



 

अत्याचार-पीड़ित तथा काण्ड के साक्षियों के अन्य अधिकार

1. प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार

2. प्राथमिकी की प्रति तुरंत प्राप्त करने का अधिकार

3. क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकार

4. साक्ष्य देने के क्रम में यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, भरण-पोषण व्यय और परिवहन सुविधाए तुरंत पाने का अधिकार

5. प्रत्येक महिला साक्षी, अत्याचार से पीडि़त व्यक्ति या उसकी आश्रित महिला या अवयस्क व्यक्ति , 60 वर्ष की आयु से अधिक का व्यक्ति और 40 प्रतिशत या उससे अधिक का निःशक्त व्यक्ति अपने पसंद का परिचर अपने साथ लाने का और उस परिचर को भी अपने सामान सुविधा दिलाने का अधिकार

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रत्येक नागरिक का यह अधिकार है कि यदि उसके साथ किसी गैर- अनुसूचित जाति एवं गैर-अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम 1989 की धारा 3 में परिगणित प्रकार के अपराध किए जाते हैं तो वह बिहार-राज्य के किसी भी थाना अथवा प्रत्येक जिला में संस्थापित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विशेष थाना में जाकर, अपने साथ किये गए अपराध की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थानाध्यक्ष को मौखिक या लिखित रूप से सूचित करे जिसके आधार पर थानाध्यक्ष द्वारा तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी तथा प्राथमिकी की एक प्रति परिवादी को वहीँ प्राप्त करा दी जाएगी

यदि ऐसा पीड़ित व्यक्ति थाना नहीं जा सकता है तब वह फोन, पत्र या ईमेल द्वारा भी उस अपराध की सूचना थानाध्यक्ष या उस जिले के पुलिस अधीक्षक को दे सकता है और तब उस सूचना के आधार पर भी प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस द्वारा अन्वेषण प्रारम्भ किया जाएगा।

उपर्युक्त अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम 1989 की धारा 3 को निम्नवत उद्धृत किया जाता है :
 

अत्याचार के अपराध
धारा-3
अत्याचार के अपराधों के लिए दंड

 

कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है:

3(1)(i) अनुसूचित-जाति या अनुसूचित-जनजाति के सदस्य को अखाद्य या घृणा- जनक पदार्थ पीने या खाने के लिए मजबूर करेगा

3(1)(ii) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य के परिसर या पड़ोस में मलमूत्र, कूड़ा, पशु-शव या कोई अन्य घृणाजनक पदार्थ इकट्ठा करके, उसे क्षति पहुँचाने, अपमानित करने या क्षुब्ध करने के आशय से कार्य करेगा

3(1)(iii) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य के शरीर से बलपूर्वक कपड़े उतारेगा या उसे नंगा या उसके चेहरे या शरीर को पोतकर घुमाएगा या इसी प्रकार का कोई अन्य ऐसा कार्य करेगा जो मानव के सम्मान के विरुद्ध है

3(1)(iv) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य के स्वामित्वाधीन या उसे आवंटित या किसी सक्षम-प्राधिकारी द्वारा उसे आवंटित किए जाने के लिए अधिसूचित किसी भूमि को सदोष अधिभोग में लेगा या उस पर खेती करेगा या उस आवंटित भूमि को अंतरित करा लेगा

3(1)(v) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को उसकी भूमि या परिसर से सदोष बेकब्जा करेगा या किसी भूमि परिसर या जल पर उसके अधिकारों के उपभोग में हस्तक्षेप करेगा

3(1)(vi) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को बेगार करने के लिए या सरकार द्वारा लोक-प्रयोजनों के लिए अधिरोपित किसी अनिवार्य सेवा से भिन्न अन्य समरुप प्रकार से बलात्श्रम या बंधुआ मजदूरी के लिए विवश करेगा या फुसलाएगा

3(1)(vii) अनुसूचित जाति या अन
अत्याचार पीड़ित के अधिकार
Contents shared By educratsweb.com
if you have any information regarding Job, Study Material or any other information related to career. you can Post your article on our website. Click here to Register & Share your contents.
For Advertisment or any query email us at bharatpages.in@gmail.com

RELATED POST
  1. Naulakha Temple
  2. कोरोना महामारी से व्याप्त वैश्विक संकट में बिहार सरकार अपने प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा व संरक्षण हेतु दृढ़ संकल्पित है
  3. बिहार वासी जो #COVID19 महामारी की रोकथाम हेतु किये गए #lockdown के कारण अन्य राज्यों में फंसे हैं
  4. बिहार आयें कोरोना से पीड़ित अथवा कोरोना संदिग्ध व्यक्तिओं का पंजीकरण
  5. Bihar Police: A Voyage of Excellence
  6. E-MAIL I.D. OF BIHAR POLICE OFFICIALS
  7. सावधान: बिहार सरकार में बहाली के नाम पर चल रहा है फर्जीवाड़ा, देखभाल कर ही करें आवेदन
  8. बिहार दिवसः क्या आप जानते हैं ये पांच बातें, जानें कैसे ट्रेंड में आया ये शब्द
  9. 25 Interesting Facts About Bihar
  10. BIHAR POLICE MODERN CONTROL ROOM (HELP LINE) CONTACTS INFO.
  11. Contact Details of S.D.P.O [Subdivisional Police Officers] Posted in Different Districts of Bihar
  12. अत्याचार पीड़ित के अधिकार
  13. Contact Details of Bihar POLICE HEADQUARTER/ DISTRICTS/ OTHER UNITS
  14. मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना #BiharIndustriesDept
  15. Contact Details of Bihar Government District IT Managers
  16. Gaya, Bihar Administrative Officers
  17. Indira Aawas Yojna
  18. भ्रष्ट को पकड़ावाओ 5 लाख तक इनाम पाओ - बिहार सरकार
  19. किसानों की आर्थिक खुशहाली न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से धान अधिप्राप्ति की विशेषताऐं किसानों का ऑनलाईन निबंधन #BiharCooperativeDept
  20. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बिटिया की सुरक्षा में जुड़ा एक नया आयाम कन्या संतान के जन्म से स्नातक होने तक- सुनिश्चित सहायता, निश्चित उत्थान #BiharSocialWelfareDept #MukhyamantriKanyaUtthanYojana
  21. पहले 6 महीने में सिर्फ मां के दूध से ही शिशु का पूर्ण विकास होता है #BiharSocialWelfareDept
  22. Swarnajayanti Gram Swarojgar Yojna
  23. मूर्ति निर्माण एवं मूर्ति-विसर्जन हेतु केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली द्वारा जारी सामान्य मार्गदर्शिका #BiharEnvironmentForestClimateChangeDept
  24. राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2020 राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2020 हेतु निर्धारित प्रश्नावली में Online प्रस्ताव/ नामांकन उपलब्ध कराने के संबंध में (मूल्यांकन अवधि वर्ष 2018-10) #BiharPanchayatiRajDept
  25. जिला स्तरीय रोजगार-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेला #BiharLabourResourcesDept
  26. जापानी इंसेफलाइटिस ( जे.ई.) सघन टीकाकरण अभियान 21 जनवरी से 14 मार्च 2020 तक #BiharHealthDept
  27. Famous peoples from bihar
  28. LIST OF SUB DIVISIONAL OFFICER POSTED IN BIHAR 
  29. Jawahar Gram Samriddhi Yojna
  30. Raniganj Vriksh Vatika
  31. Non-Teaching Vacancy Recruitment in Sikkim University - 11 Days Remaining for Apply
  32. Recruitment of Executives in RGPPL 2020 - 11 Days Remaining for Apply
  33. Faculty Vacancy Recruitment in AIIMS Bibinagar (Telangana) 2020 - 23 Days Remaining for Apply
  34. Recruitment of Block Primary Education Officer Vacancy by Punjab PSC 2020 - 26 Days Remaining for Apply
  35. Lateral Recruitment of Analysts/Consultants/Specialist Vacancy in RBI 2020 - 25 Days Remaining for Apply
  36. Recruitment of Principal Schools Vacancy by Punjab PSC - 26 Days Remaining for Apply
  37. Recruitment of Non-Teaching Vacancy in CRSU Jind 2020 - 6 Days Remaining for Apply
  38. Faculty vacancy recruitment in CCS University Meerut 2020 - 23 Days Remaining for Apply
  39. Recruitment of Scientist Vacancy in CIMFR Dhanbad 2020 - 5 Days Remaining for Apply
  40. Scientist Vacancy Recruitment in CSIR CRRI 2020 - 2 Days Remaining for Apply
  41. Recruitment of Engineer Officer Nurse Technician Pharmacist Trainee in UPRVUNL - 2 Days Remaining for Apply
  42. Recruitment of Professional Job Vacancy in ECIL 2020 - 6 Days Remaining for Apply
  43. Recruitment of Medical Record Technician Vacancy in AIIMS Patna - 64 Days Remaining for Apply
  44. Non-Teaching Vacancy Recruitment in Central University of Rajasthan 2020 - 13 Days Remaining for Apply
  45. Recruitment of Head Masters/Mistresses Vacancy by Punjab PSC - 26 Days Remaining for Apply
  46. Executive Trainee (Finance) Vacancy Recruitment in Power Grid 2020 - 2 Days Remaining for Apply
  47. Recruitment for Assistant Engineer (Civil) by Bihar Public Service Commission (BPSC) - 5 Days Remaining for Apply
  48. Bihar Technical Service Commission (BTSC) Physiotherapist Occupational Therapist and Food Safety Officer Recruitment 2020 - 11 Days Remaining for Apply
  49. Bihar Public Service Commission (BPSC) 31st Bihar Judicial Services Competitive Examination 2020 - 9 Days Remaining for Apply
  50. Recruitment of Group-C Vacancy by Uttarakhand SSSC 2020 - 22 Days Remaining for Apply
Tag : अत्याचार
Save this page as PDF | Recommend to your Friends

http://educratsweb(dot)com http://educratsweb.com/content.php?id=1526 http://educratsweb.com educratsweb.com educratsweb