educratsweb logo


हिंगलाज माता मन्दिर, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त के हिंगलाज में हिंगोल नदी के तट पर स्थित एक हिन्दू मन्दिर है। यह हिन्दू देवी सती को समर्पित इक्यावन शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ इस देवी को हिंगलाज देवी या हिंगुला देवी भी कहते हैं। इस मन्दिर को नानी मन्दिर के नामों से भी जाना जाता । पिछले तीन दशकों में इस जगह ने काफी लोकप्रियता पाई है और यह पाकिस्तान के कई हिंदू समुदायों के बीच आस्था का केन्द्र बन गया है।

स्थान
हिंगलाज माता का गुफा मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लारी तहसील के दूरस्थ, पहाड़ी इलाके में एक संकीर्ण घाटी में स्थित है। यह कराची के उत्तर-पश्चिम में 250 किलोमीटर (160 मील), अरब सागर से 12 मील (19 किमी) अंतर्देशीय और सिंधु के मुंहाने के पश्चिम में 80 मील (130 किमी) में स्थित है। यह हिंगोल नदी के पश्चिमी तट पर, मकरान रेगिस्तान के खेरथार पहाड़ियों की एक शृंखला के अंन्त में बना हुआ है। यह क्षेत्र हिंगोल राष्ट्रीय उद्यान के अन्तर्गत आता है।

मंदिर एक छोटी प्राकृतिक गुफा में बना हुआ है। जहाँ एक मिट्टी की वेदी बनी हुई है। देवी की कोई मानव निर्मित छवि नहीं है। बल्कि एक छोटे आकार के शिला की हिंगलाज माता के प्रतिरूप के रूप में पूजा की जाती है। शिला सिंदूर (वर्मीमिलियन), जिसे संस्कृत में हिंगुला कहते है, से पुता हुआ है, जो संभवतया इसके आज के नाम हिंगलाज का स्रोत हो सकता है।

हिंगलाज के आस-पास, गणेश देव, माता काली, गुरुगोरख नाथ दूनी, ब्रह्म कुध, तिर कुण्ड, गुरुनानक खाराओ, रामझरोखा बेठक, चोरसी पर्वत पर अनिल कुंड, चंद्र गोप, खारिवर और अघोर पूजा जैसे कई अन्य पूज्य स्थल हैं।
लोककथा और महत्ता

 

एक लोक गाथानुसार चारणों की प्रथम कुलदेवी हिंगलाज थी, जिसका निवास स्थान पाकिस्तान के बलुचिस्थान प्रान्त में था। हिंगलाज नाम के अतिरिक्त हिंगलाज देवी का चरित्र या इसका इतिहास अभी तक अप्राप्य है। हिंगलाज देवी से सम्बन्धित छंद गीत अवश्य मिलती है।

    सातो द्वीप शक्ति सब रात को रचात रास।
    प्रात:आप तिहु मात हिंगलाज गिर में॥

अर्थात: सातो द्वीपों में सब शक्तियां रात्रि में रास रचाती है और प्रात:काल सब शक्तियां भगवती हिंगलाज के गिर में आ जाती है।

उत्पत्ति की एक और कथा के अनुसार यहां सती माता के शव को भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से काटे जाने पर यहां उनका ब्रह्मरंध्र (सिर) गिरा था।

हिंगलाज माता को एक शक्तिशाली देवी माना जाता है जो अपने सभी भक्तों के लिए मनोकामना पूर्ण करती है। जबकि हिंगलाज उनका मुख्य मंदिर है, मंदिरों के पड़ोसी भारतीय राज्य गुजरात और राजस्थान में भी उनके लिए समर्पित मंदिर बने हुए हैं। मंदिर को विशेष रूप से संस्कृत में हिंदू शास्त्रों में हिंगुला, हिंगलाजा, हिंगलाजा और हिंगुलता के नाम से जाना जाता है। देवी को हिंगलाज माता (मां हिंगलाज), हिंगलाज देवी (देवी हिंगलाज), हिंगुला देवी (लाल देवी या हिंगुला की देवी) और कोट्टारी या कोटवी के रूप में भी जाना जाता है।

स्थानीय मुस्लिम भी हिंगलाज माता पर आस्था रखते हैं और मंदिर को सुरक्षा प्रदान करते हैं। उन्होंने मंदिर को "नानी का मंदिर" कहते है। देवी को बीबी नानी (सम्मानित मातृ दादी) कहा जाता है। बीबी नानी, नाना के समान हो सकती है, जो कुशान सिक्कों पर दिखाई देने वाले एक पूज्य देव थे और पश्चिम और मध्य एशिया में व्यापक रूप से उनकी पूजा की जाती थी। एक प्राचीन परंपरा का पालन करते हुए स्थानीय मुस्लिम जनजातियां, तीर्थयात्रा समूह में शामिल होती हैं और तीर्थयात्रा को "नानी की हज" कहते हैं।

हिंगलाज माता मन्दिर, पाकिस्तान
Contents shared By educratsweb.com
अर्जुन को मिला माता दुर्गा का वरदान, युद्ध के नियम | Mahabharat Stories | B. R. Chopra | EP – 71
Published on Monday May 25 2020
if you have any information regarding Job, Study Material or any other information related to career. you can Post your article on our website. Click here to Register & Share your contents.
For Advertisment or any query email us at educratsweb@gmail.com

RELATED POST
2 शाबर मंत्रों से पल भर में सिद्ध होते हैं हर काम
3 Navratra : नवरात्री विशेष : साधकों/उपासकों द्वारा नवरात्र के पूजन में की जाने वाली सामान्य भूलें
4 Navratra Muhurt 2019 : नवरात्र मुहूर्त 2019
5 अग्रसेन महाराज की जीवन गाथा
6 Shri Yantra : श्री यन्त्र
7 जानिए दुर्गा देवी के शस्रों का रहस्य (ज्ञान) !! Devi durga weapons meaning in hindi
8 हनुमान चालीसा | Hanuman Chalisa in Hindi
9 जय माँ श्री महालक्ष्मी देवी
10 दशहरा एवं दुर्गा पूजा की शुभकामना संदेश भेजे । अपने दोस्तो को शुभकामनाएँ संदेश अपने नाम के साथ भेजे @educratsweb #educratsweb
11 51 शक्तिपीठ के बारे में जाने | Know more about 51 shakti peeth in Hindi - Part 2
12 हिंगलाज माता मन्दिर, पाकिस्तान
13 ... नवरात्रि की नौ देवियां: जानेें इनका स्वरूप,पूजा विधि,मंत्र,भोग व मिलने वाला आशीर्वाद
14 नवरात्रि की नौ देवियां: जानेें इनका स्वरूप,पूजा विधि,मंत्र,भोग व मिलने वाला आशीर्वाद
15 51 शक्तिपीठ के बारे में जाने | Know more about 51 shakti peeth in Hindi
16 जय माँ श्री हरसिद्धि देवी शक्तिपीठ
17 Shiv Guru आदि महेश्वर शिव हमारे गुरु है, और मैं उनका शिष्य : एक भ्रम पूर्ण सिद्धांत
We would love to hear your thoughts, concerns or problems with anything so we can improve our website educratsweb.com ! visit https://forms.gle/jDz4fFqXuvSfQmUC9 and submit your valuable feedback.
Save this page as PDF | Recommend to your Friends

http://educratsweb(dot)com http://educratsweb.com/content.php?id=773 http://educratsweb.com educratsweb.com educratsweb