रामायण – EP 21 – भरत-शत्रुघ्न का आगमन और शोक | भरत-कौशल्या संवाद
रामायण के इक्कीसवें एपिसोड में भरत-शत्रुघ्न का आगमन और शोक, भरत-कौशल्या संवाद और भरत के राज्याभिषेक की तैयारी की कहानी दिखाई गई है।
भरत-शत्रुघ्न का आगमन और शोक
इस एपिसोड में, भरत और शत्रुघ्न अयोध्या लौटते हैं और अपने पिता दशरथ की मृत्यु की खबर सुनते हैं। वे अपने पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हैं और अपने भाई राम के वनवास की खबर सुनते हैं।
भरत-कौशल्या संवाद
इस एपिसोड में, भरत अपनी माता कौशल्या से मिलते हैं और उनसे अपने पिता की मृत्यु और राम के वनवास के बारे में चर्चा करते हैं। कौशल्या भरत को समझाती हैं कि राम का वनवास उनके पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए था और वह अपने भाई के लिए हमेशा खड़े रहेंगे।
भरत के राज्याभिषेक की तैयारी
इस एपिसोड में, भरत के राज्याभिषेक की तैयारी शुरू होती है। भरत को राजा बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन भरत राम के वनवास के कारण राज्याभिषेक के लिए तैयार नहीं होते हैं।
एपिसोड का महत्व
यह एपिसोड रामायण की कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिसमें भरत-शत्रुघ्न का आगमन और शोक, भरत-कौशल्या संवाद और भरत के राज्याभिषेक की तैयारी की कहानी दिखाई गई है। यह एपिसोड भरत के चरित्र को और गहराई से प्रकट करता है और उनके राज्याभिषेक की कहानी को आगे बढ़ाता है।